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राष्ट्रीय शिक्षा नीति

BY ADMIN PUBLISHED August 26, 2022, UPDATED January 9, 2023

छात्र इस नवीन शिक्षा प्रणाली के द्वारा समस्या -समाधान ,तार्किक एवं रचनात्मक रूपों को  सोचना सीखेंगे | वे विभिन्न  विषयों के बीच अन्तर्सम्बंधों को स्थापित कर पाएँगे | अपने ज्ञान को बदलती परिस्थितियों में उपयोग करने में समर्थ हो  सकेंगे | नई शिक्षण-प्रणाली छात्र केन्द्रित है और जिज्ञासा,खोज,अनुभव पर आधारित है | यह लचीली,रुचिपूर्ण, विषय को समान रूप से समझने में छात्र को आत्मसात करने वाली है | इससे विद्यार्थियों के जीवन के सभी पक्षों और क्षमताओं का संतुलित विकास होगा | इसका पाठ्यक्रम गणित और विज्ञान आदि विषयों के अतिरिक्त बुनियादी कला ,शिल्प ,मानविकी ,खेल और स्वास्थ्य,साहित्य ,संस्कृति और नैतिक शिक्षा आदि विषयों का समावेश किया गया है | जिसके फलस्वरूप छात्रों का चरित्र निर्माण विकसित  होगा | छात्रों में इस के द्वारा नैतिकता ,तार्किकता ,करुणा और संवेदनशीलता आदि के गुण विकसित होगें | इस शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत अवधारणात्मक समझ पर अत्यधिक बल दिया गया है | रटंत पद्धति की अपेक्षा विषयों को समझने पर  अधिक जोर दिया गया है | छात्र इसके माध्यम से रचनात्मकता और तार्किक सोच , तार्किक निर्णय लेने के लिए सक्षम बनेंगे | छात्र इसे सिर्फ परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए नहीं अपितु जिंदगी में सफ़ल होने के लिए पढ़ेंगे | छात्रों में नैतिक और मानवीय गुणों जैसे सभी के लिए सम्मान की भावना , सहानुभूति , लोकतांत्रिक भावना , शिष्टाचार आदि विकसित होंगे | यह  शिक्षा प्रणाली भारतीय भाषाओं  को प्रासंगिक  और जीवंत बनाए रखने के लिए  प्रथम चरण है | यह साहित्य , व्याकरण ,शब्द भंडार की अपेक्षा अधिक अनुभव पर आधारित है | अनुभव के माध्यम से ग्रहण की गई शिक्षा छात्रों को जीवन में सफ़ल बनाने में सहायक सिद्ध होगी | इस शिक्षा प्रणाली के माध्यम से एक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होगा | 

By: Ms. Meenakshi
Teacher

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