हिंदी हमारी ताकत है,हिंदी एक विरासत है
BY ADMIN PUBLISHED August 27, 2022, UPDATED January 13, 2023
बढ़ा रही यह हमारी शान,हिंदी ही हमारी पहचान |
मैं डीपीएसजी विद्यालय की हिंदी शिक्षिका शिखा सोलंकी आपका ध्यान हिंदी की ओर आकर्षित करना चाहती हूं कि एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है, जो हमारी विरासत के रूप में काम करती है ।

HINDI HAIN HUM
हिंदी बहुत सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है, जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बहुत बड़ी संख्या में मौजूद हैं। यह विश्व में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है, जो हमारे पारम्परिक ज्ञान, प्राचीन सभयता और आधुनिक प्रगति के बीच एक सेतु भी है।
हिंदी भारत संघ की राजभाषा होने के साथ ही ग्यारह राज्यों और तीन संघ शासित क्षेत्रों की भी प्रमुख राजभाषा है। संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल अन्य इक्कीस भाषाओं के साथ हिंदी का एक विशेष स्थान है। हमारी राष्ट्र भाषा हिन्दी भारत के प्रमुख राज्य जैसे मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान,हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश में प्रमुख रूप से बोली जाती है।
हिन्दी भाषा के साथ दिलचस्प बात यह है कि यह जहाँ पर बोली जाती है वहाँ का स्थानीय प्रभाव उस भाषा पर दृष्टिगोचर होता है ।जैसे हम इंदौर वाले मालवी मिश्रित हिन्दीअर्थात सीधी-सादी बिना लागलपेट वाली
हिंदी के महत्त्व को गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने बड़े सुंदर रूप में प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा था, ‘भारतीय भाषाएं नदियां हैं और हिंदी महानदी’। इसीलिए हिंदी भाषा सिर्फ देश की भाषा ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में उभर रही है ।भाषा वही जीवित रहती है जिसका प्रयोग जनता करती है |हिंदी भाषा के निरंतर हो रहे विकास के लिए यही बात लागू होती है कि यह पूरे देश में एकता की भावना और मजबूत करती है और हमारी विरासत के रूप में संजोयी गयी है । अंत में मैं यही कहना चाहूंगी कि
बहुत सभ्य यह भाषा है लगती है संस्कारी |
सब को जोड़ कर रखती ,हिंदी भाषा प्यारी ||
घर पर रहिए ,सुरक्षित रहिए और हिंदी भाषी होने पर गर्व करते रहिए।
जय हिंद जय भारत।
शिखा सोलंकी,
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (हिंदी), डी.पी.एस.जी. फरीदाबाद।
